सामुद्रिक शास्त्र में शरीर की बनावट और अंगों के आकार को व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व और जीवन से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि पैर का अंगूठा, हाथों की उंगलियां, कान, नाखून, भौंह और शरीर के बाल कई तरह के संकेत देते हैं. इनके जरिए किसी भी व्यक्ति के बारे में पता लगाया जा सकता है. हालांकि ये मान्यताएं पारंपरिक सामुद्रिक शास्त्र पर आधारित हैं और इन्हें आस्था व परंपरा के संदर्भ में ही देखा जाता है.
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पैर का अंगूठा
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पैर का अंगूठा व्यक्ति के प्रभाव और आध्यात्मिक झुकाव का संकेत माना जाता है. यदि अंगूठा सामान्य से बड़ा या लंबा हो तो इसे सरल स्वभाव और धार्मिक प्रवृत्ति का प्रतीक माना जाता है. वहीं, यदि अंगूठे के बगल वाली उंगली उससे ज्यादा लंबी हो तो व्यक्ति प्रभावशाली माना जाता है. दूसरी ओर, छोटा अंगूठा धन की खराब स्थिति और स्वार्थी प्रवृत्ति का संकेत माना जाता है.
हाथों की उंगलियां
मान्यता है कि हाथों की उंगलियां व्यक्ति की सोच और रुचियों के बारे में बताती है. लंबी और पतली उंगलियों वाले लोगों को कलात्मक और रचनात्मक माना जाता है. यदि उंगलियां मोटी और सख्त हों तो व्यक्ति को जीवन में अधिक संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है. टेढ़ी-मेढ़ी उंगलियों को आर्थिक सफलता के साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का संकेत माना गया है. गांठदार उंगलियां अत्यधिक स्वार्थी स्वभाव की ओर इशारा करती हैं.
कान
सामुद्रिक शास्त्र में बड़े कानों को लंबी आयु का प्रतीक माना गया है. छोटे कानों को अपेक्षाकृत कम आयु और जीवन में कठिनाइयों से जोड़कर देखा जाता है. यदि कानों पर बाल हों तो इसे संघर्ष के बाद सफलता और दीर्घायु का संकेत माना जाता है. वहीं लंबे कान वाले लोगों को प्रभावशाली, रिश्ते निभाने वाला और आध्यात्मिक प्रवृत्ति का माना जाता है.
नाखून
लंबे और प्राकृतिक सुंदर नाखून व्यक्ति के भाग्यशाली होने का संकेत देते हैं. टेढ़े-मेढ़े नाखून जीवन में अधिक संघर्ष की ओर इशारा करते हैं. नाखूनों के नीचे दिखाई देने वाला अर्धचंद्र बड़ा होने पर इसे अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है. जबकि उसके न होने को लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जोड़कर देखा जाता है. यदि नाखूनों पर अचानक सफेद निशान दिखाई दें तो इसे भी पारंपरिक मान्यताओं में स्वास्थ्य संबंधी संकेत माना गया है.
भौंह
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, आंखों के ऊपर घनी भौंह सरल स्वभाव का संकेत देती है. यदि दोनों भौंहें बीच में मिलती हों तो व्यक्ति को क्रोधी माना जाता है. कटी-फटी भौंह मानसिक तनाव का संकेत मानी जाती है. जबकि नीचे की ओर झुकी भौंहों को वैराग्य की भावना से जोड़कर देखा जाता है.
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