पश्चिम बंगाल के बारासात में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक कार्यकर्ता को कथित तौर पर घुटनों के बल बैठने और जमीन पर लेटने के लिए मजबूर किए जाने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि इस घटना में पीड़ित अबुल हसन नाम का ये व्यक्ति कुछ साल पहले BJP कार्यकर्ता की हत्या के मामले में भी आरोपी रहा है.

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बारासात में हुई इस घटना में पीड़ित टीएमसी कार्यकर्ता अबुल हसन को देर रात घर से बाहर बुलाया गया. इसके बाद उन्हें जबरन घुटनों के बल बिठाया गया और जमीन पर लेटने के लिए मजबूर किया गया. स्थानीय लोगों का मानना है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कुछ साल पहले हुए बीजेपी कार्यकर्ता के कत्ल का बदला लेने के लिए ये कदम उठाया है. बताया जा रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अबुल को रात को घर से बुलाया था, जिसके बाद ये घटना सामने आई है.

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने कार्यकर्ताओं पर लगे इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. बीजेपी के बारासात सांगठनिक जिला प्रमुख राजीव भट्टाचार्य ने इस मामले में पार्टी की किसी भी भूमिका से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि ये घटना टीएमसी द्वारा लोगों पर किए गए अत्याचारों का नतीजा है, जिससे परेशान होकर आम जनता का गुस्सा बाहर आया है.

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