आमतौर पर शांत, संयमित और कम बोलने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद डिंपल यादव का जंतर-मंतर पर एक बिल्कुल अलग चेहरा देखने को मिला. विरोध मार्च में डिंपल यादव के तेवर भी बदलते गए. बैरिकेडिंग के सामने पुलिस से तीखी बहस, प्रदर्शनकारियों के बीच डटी मौजूदगी, घायल छात्र की मदद और फिर हिरासत... सोमवार का पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया.
और पढ़ें
इसी बीच एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डिंपल यादव एक घायल छात्र के पास बैठी नजर आती हैं. वीडियो में वह छात्र की शर्ट के बटन खोलती हैं ताकि उसे सांस लेने में दिक्कत न हो और आसपास मौजूद लोगों से तत्काल मदद करने की अपील करती दिखाई देती हैं. वीडियो के वायरल होने के बाद समर्थक इसे डिंपल यादव का मानवीय चेहरा बता रहे हैं.
संसद से जंतर-मंतर तक बदले डिंपल के तेवर
नीट (NEET) से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में विपक्षी सांसद संसद से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे. सपा सांसद डिंपल यादव भी अपने पार्टी के अन्य सांसदों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की. इसी दौरान डिंपल यादव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई.
लोकतंत्र के लिए काला दिवस
प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और पुलिस कार्रवाई पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया और कहा कि आज का दिन लोकतंत्र के लिए काला दिवस के रूप में याद किया जाएगा. डिंपल यादव ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई छात्र घायल हुए. उनके अनुसार, कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे, लेकिन कुछ लोगों ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ. डिंपल यादव ने दावा किया कि कुछ छात्राओं के कपड़े तक फट गए.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
डिंपल यादव ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए और छात्रों के साथ हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए. उनका कहना था कि देश संविधान से चलेगा, किसी विचारधारा से नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई. डिंपल यादव ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र अपनी बात रखने शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि छात्रों का उत्साह और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास सराहनीय है और वह उन सभी छात्रों को सलाम करती हैं जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई.
हिरासत के बाद भी जारी रहा विरोध
सपा नेताओं के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सांसदों और कार्यकर्ताओं को बाद में छोड़ा गया. हिरासत के दौरान भी विपक्षी नेताओं ने अपना विरोध जारी रखा और छात्रों के समर्थन में नारे लगाए. पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह मजबूती से उठाएगी.
लखनऊ में भी सपा का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी सुनाई दी. सपा के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता सिविल अस्पताल के पास एकत्र हुए और हजरतगंज चौराहे तक मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई का विरोध किया. सपा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जबरन हटाया और बाद में उन्हें हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया. पार्टी के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बाद भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन जारी रखा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई.
---- समाप्त ----