भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से हरारे में तीन मैचों की टी20 सीरीज शुरू होगी. पहले मुकाबले से पहले भारतीय टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने अपनी बल्लेबाजी, स्ट्राइक रेट और इंग्लैंड-आयरलैंड दौरे में मिली नाकामी पर खुलकर बात की. उन्होंने साफ कहा कि उनका खेल हमेशा मैच की परिस्थिति और टीम की जरूरत के मुताबिक होता है, न कि सिर्फ तेज रन बनाने के लिए.

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हाल के इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे में भारत को एक भी टी20 जीत नहीं मिली थी. इसी दौरान तिलक के स्ट्राइक रेट और स्पिनरों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठे थे. हालांकि उन्होंने साउथैम्प्टन टी20 में सिर्फ 25 गेंदों पर 53 रन की तेज पारी भी खेली थी.

तिलक ने कहा कि अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता. उनके मुताबिक अगर टीम को जरूरत हो तो वह धैर्य के साथ पारी संभालेंगे और अगर आक्रामक बल्लेबाजी की मांग होगी तो उसी अंदाज में खेलेंगे.

उन्होंने कहा कि आयरलैंड और इंग्लैंड में भारत के चार-पांच विकेट अक्सर पावरप्ले में ही गिर जाते थे. ऐसे में क्रीज पर आते ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करना समझदारी नहीं होती. पहले टीम को संभालना जरूरी था, इसलिए उन्होंने उसी हिसाब से बल्लेबाजी की.

तिलक ने कहा कि वह पहली ही गेंद से बड़े शॉट लगाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन देश के लिए खेलते समय जिम्मेदारी सबसे अहम होती है. उनके मुताबिक उपकप्तानी का दायित्व उन्हें सोच-समझकर दिया गया है और वह टीम मैनेजमेंट के भरोसे पर खरा उतरना चाहते हैं. इसी वजह से उनका हर फैसला टीम के हित को ध्यान में रखकर होता है.

इंग्लैंड और आयरलैंड में मिली हार पर उन्होंने कहा कि भारतीय टीम पिछले दो वर्षों से ज्यादातर क्रिकेट एशिया में खेल रही थी. लंबे समय बाद सीधे विदेशी परिस्थितियों में उतरना आसान नहीं था. ऊपर से सामने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम थी, जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भी अपनी क्वाल‍िटी दिखाई थी. ऐसे हालात में खुद को जल्दी ढालना चुनौतीपूर्ण रहा.

तिलक ने कप्तान श्रेयस अय्यर का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि श्रेयस एक सफल कप्तान हैं और स्वाभाविक रूप से उनसे उम्मीदें भी ज्यादा रहती हैं. लेकिन विदेशी परिस्थितियों में पूरी टीम के लिए चुनौती अलग थी.

जिम्बाब्वे सीरीज को लेकर तिलक ने कहा कि मेजबान टीम को हल्के में लेने की कोई गलती नहीं होगी. उन्होंने याद दिलाया कि पिछली बार भी जिम्बाब्वे ने सीरीज का पहला मुकाबला भारत से जीत लिया था. इसलिए इस बार भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी.

हरारे की पिचों पर बात करते हुए तिलक ने बताया कि उन्होंने पिछले दौरे पर खेलने वाले खिलाड़ियों, खासकर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से विकेट के व्यवहार को लेकर चर्चा की है. उन्होंने कहा कि यहां की पिचें अच्छी हैं, मैदान बड़े हैं, मौसम ठंडा है और हवा भी काफी चलती है. इंग्लैंड और आयरलैंड में हाल ही में खेलने का अनुभव भारतीय खिलाड़ियों के लिए इस दौरे में फायदा पहुंचा सकता है.

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