अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने शनिवार को अरब सागर में एक मर्चेंट जहाज को रोका है. यह जहाज ईरान पर लगाए गए ब्लॉकेड को तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था. जहाज का नाम सेवान है. अमेरिकी सेना ने बताया कि यह जहाज ईरानी तेल और गैस उत्पादों को विदेशी बाजारों में पहुंचाने वाली 19 जहाजों वाली शैडो फ्लीट का हिस्सा था. सेवान जहाज अब अमेरिकी सेना के निर्देश का पालन कर रहा है. ईरान की ओर वापस लौट रहा है. इसे अमेरिकी नौसेना का एक हेलीकॉप्टर रोककर ले जा रहा है.

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शैडो फ्लीट क्या है और इसमें कितने जहाज हैं?

शैडो फ्लीट यानी छाया बेड़ा 19 जहाजों का समूह है जो ईरान के तेल और गैस को दुनिया के दूसरे देशों में पहुंचाने का काम करता है. अमेरिका इन सभी जहाजों पर सैंक्शन लगा रखे हैं. ये जहाज ईरान से अरबों डॉलर के तेल, गैस, प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे उत्पाद विदेश भेजते हैं.

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ईरान इन जहाजों का इस्तेमाल सैंक्शन से बचने के लिए करता है ताकि उसके तेल का व्यापार जारी रहे. अमेरिका का कहना है कि ये जहाज ईरान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर रहे थे इसलिए उन्हें रोका जा रहा है.

USS पिंकनी से कैसे हुआ इंटरसेप्शन?

यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस पिंकनी से हुई. इस डिस्ट्रॉयर से एक हेलीकॉप्टर ने सेवान जहाज को अरब सागर में रोक लिया. हेलीकॉप्टर ने जहाज को अमेरिकी सेना के निर्देश मानने के लिए कहा. अब जहाज ईरान की ओर वापस जा रहा है. अमेरिकी नौसेना के सुरक्षा घेरे में है. जहाज के कप्तान और क्रू ने अमेरिकी निर्देश का पालन करने की बात मान ली है.

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ब्लॉकेड शुरू होने के बाद कितने जहाज रोके गए?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ब्लॉकेड शुरू होने के बाद अब तक 37 जहाजों को रीडायरेक्ट यानी वापस भेज दिया गया है. इनमें सेवान जहाज भी शामिल है. अमेरिका ईरान पर पूरी तरह से समुद्री ब्लॉकेड लगा रखा है ताकि ईरान का तेल और गैस बाहर न निकल सके. ये सभी जहाज शैडो फ्लीट का हिस्सा थे जो सैंक्शन तोड़कर ईरानी सामान ले जा रहे थे.

इस कार्रवाई का ईरान और दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश है. ईरान का तेल और गैस उसकी मुख्य आय का स्रोत है. अगर ये जहाज रोके जाते रहेंगे तो ईरान को अरबों डॉलर का नुकसान होगा. अमेरिका का कहना है कि ब्लॉकेड का मकसद ईरान को उसके गलत कामों के लिए सजा देना और समुद्री सुरक्षा बनाए रखना है.

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यह घटना अरब सागर में तनाव बढ़ा रही है जहां पहले से ही ईरान और अमेरिका के बीच टकराव चल रहा है. दुनिया के कई देश इस घटना पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि इससे तेल की कीमतें और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है. अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ब्लॉकेड जारी रहेगा और कोई भी सैंक्शन तोड़ने वाला जहाज रोका जाएगा.

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