रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स भारत में लगातार लॉन्च किए जा रहे हैं. हाल ही में ड्रीमी टेक्नोलॉजी ने भारत कुछ नए रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स लॉन्च किए हैं. इनमे से एक Dreame L50s Pro Ultra भी है जो इस लॉट का सबसे पावरफुल रोबोटिक क्लीनर बताया जा रहा है. कई रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर्स यूज करने के बाद य नया वेरिएंट कितना खरा उतरता है, आइए इस रिव्यू में विस्तार से समझते हैं.
और पढ़ें
यह सिर्फ वैक्यूम नहीं करता, बल्कि मॉपिंग यानी पोछा भी लगाता है, खुद अपने मॉप को धोता है, खुद सुखाता है और डस्ट भी खुद खाली कर देता है. यानी आपका काम सिर्फ इतना रह जाता है कि कभी-कभी साफ पानी भर दें और गंदा पानी निकाल दें. काफी हद तक ये ऑटोनोमस है और डेली यूज में आपको इसे छूना भी नहीं पड़ेगा और पूरे घर की सफाई हो जाएगी.
डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी
पहली नजर में Dreame L50s Pro Ultra एक प्रीमियम प्रोडक्ट लगता है. रोबोट का डिजाइन काफी स्लीक है और इसका डॉकिंग स्टेशन भी मजबूत क्वालिटी का है. हां, इसका बेस स्टेशन थोड़ा बड़ा जरूर है, इसलिए इसे रखने के लिए थोड़ी जगह चाहिए.
यह भी पढ़ें: कैसा है Vivo X300 Ultra फोन का कैमरा और ओवरऑल परफॉर्मेंस, देखें रिव्यू
रोबोट का आकार गोल है और इसकी ऊंचाई इतनी है कि यह ज्यादातर बेड, सोफा और फर्नीचर के नीचे आसानी से पहुंच जाता है. मेरे घर में इसे कहीं भी फंसने की परेशानी नहीं हुई. इसकी बिल्ड क्वालिटी मजबूत महसूस होती है और रोज इस्तेमाल करने पर भी यह सस्ता या कमजोर प्रोडक्ट नहीं लगता.
सेटअप करना बेहद आसान
पहली बार सेटअप में करीब 10 मिनट लगे. Dreame ऐप डाउनलोड करके रोबोट को Wi-Fi से जोड़ना होता है. इसके बाद यह पूरे घर की मैपिंग करता है. फास्ट मैपिंग का ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा.
मैपिंग की स्पीड अच्छी लगी. मेरे 3BHK फ्लैट का पूरा मैप कुछ ही मिनटों में तैयार हो गया. इसके बाद ऐप में हर कमरे का नाम बदल सकते हैं, नो-गो जोन बना सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि किस कमरे में सिर्फ वैक्यूम करना है या वैक्यूम और मॉप दोनों.
कैसी सफाई करता है ये रोबोट?
अगर इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत बतानी हो तो वह इसकी सफाई है. ड्रीमी ने इसमें 30,000Pa Vormax सक्शन दिया है, जो फिलहाल भारत में लॉन्च हुए सबसे पावरफुल रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर में से एक है. नंबर्स सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या डेली की सफाई में इसका फर्क दिखता है? मेरे एक्सपीरिएंस में इसका जवाब हां है.
यह भी पढ़ें: Wozoyo Pure Air PA6 Review: बेहतरीन डिजाइन, पावरफुल एयर प्यूरिफायर!
फर्श पर डस्ट, हेयर, बिस्कुट के टुकड़े, चावल के दाने और डेली लेफ्टओवर्स इसने बिना किसी परेशानी के साफ कर दी. घर में लंबे बाल गिरते हैं और आमतौर पर रोबोटिक वैक्यूम के ब्रश में बाल फंस जाते हैं, लेकिन यहां ऐसा बहुत कम हुआ. इसका HyperStream DuoBrush सिस्टम और एंटी-टैंगल डिजाइन बालों को उलझने से काफी हद तक रोकता है.
मॉपिंग यानी पोछा लगाने में माहिर है रोबोट
कई रोबोट वैक्यूम झाड़ू तो अच्छे से लगा लेते हैं, लेकिन पोछा सिर्फ नाम का होता है. L50s Pro Ultra इस मामले में बेहतर निकला. रोज की धूल, जूतों के निशान और हल्के दाग इसने आसानी से साफ कर दिए. अगर कोई सूखा हुआ पुराना दाग हो तो एक बार में पूरी तरह साफ नहीं होता, लेकिन दूसरी बार उसी जगह क्लीनिंग कराने पर वह भी निकल जाता है.
यह भी पढ़ें: USB चार्जिंग पोर्ट से हो सकती है हैकिंग, ऐसे रखें अपना फोन और बैंक अकाउंट सुरक्षित
मुझे इसका मॉपिंग सिस्टम पसंद आया क्योंकि यह कमरे के किनारों तक पहुंचने की कोशिश करता है. इसके एक्सटेंड होने वाले मॉप और साइड ब्रश की वजह से कोनों की सफाई भी पहले से बेहतर होती है.
40mm तक की उंचाई पर चढ़ सकता है.
मेरे घर में कमरे और बालकनी के बीच एक छोटा सा गैप और ऊंचाई है. ज्यादातर रोबोटिक वैक्यूम ऐसे हिस्से पर रुक जाते हैं. लेकिन Dreame L50s Pro Ultra बिना ज्यादा परेशानी के उस छोटे हर्डल को पार कर बालकनी में चला गया, वहां सफाई की और फिर वापस अंदर भी आ गया. हालांकि ड्रीमी का ही X Ultra सीरीज ऐसा करता है. लेकिन इसके अलावा दूसरे मॉडल में ये फीचर नहीं है.
कंपनी इसे EasyLeap सिस्टम कहती है, जिसकी मदद से यह 40mm तक की रुकावट पार कर सकता है. मेरे तजुर्बे में यह फीचर सिर्फ मार्केटिंग नहीं है बल्कि असल जिंदगी में भी काम आता है. अगर घर में कमरे और बालकनी के बीच हल्का लेवल डिफरेंस है तो इसका फायदा मिलेगा.
यह भी पढ़ें: एक साथ 3 डिवाइस होंगे फास्ट चार्ज, देखें DailyObjects Node का रिव्यू
बालकनी हो या किसी भी सर्फेस लेवल में थोड़ा डिफरेंस होगा तो भी ये पार कर जाएगा. हालांकि आपको इसे थोड़ा टाइम देना होगा, क्योंकि पहले ये एडजस्ट करता है और एक बार में नहीं पार कर पाया तो बार बार ट्राई करता है.
प्रैक्टिकल है इसका AI बेस्ड नेविगेशन
यह रोबोट सिर्फ इधर-उधर घूमकर सफाई नहीं करता. इसमें स्मार्ट पाथफाइंडर नेविगेशन और AI ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस सिस्टम है जो 220 से ज्यादा तरह की चीजों को पहचान सकता है. मेरे घर में यह कुर्सियों, टेबल के पैर, जूते और चार्जर के तार जैसी चीजों से अच्छी तरह बचकर निकला.
ड्रीमी ऐप का इंटरफेस और फीचर
ड्रीमी ऐप इस पूरे सिस्टम की जान है. यहीं से आप हर कमरे की सफाई अलग-अलग तय कर सकते हैं. अगर सिर्फ किचन साफ करना है तो वही चुन सकते हैं. अगर सिर्फ वैक्यूम करना है या सिर्फ पोछा लगवाना है, वह भी चुन सकते हैं. सक्शन पावर, पानी की मात्रा, क्लीनिंग पैटर्न, दोबारा सफाई और शेड्यूल जैसी लगभग हर चीज ऐप से कंट्रोल हो जाती है.
कुछ दिन इस्तेमाल करने के बाद मैंने रोज सुबह एक ऑटोमैटिक शेड्यूल बना दिया. अब मैं ऑफिस निकलता हूं और लौटने तक पूरा घर साफ मिलता है.
बेस स्टेशन के बिना सबकुछ अधूरा
इसके साथ दिया गया बेस स्टेशन सिर्फ चार्जर नहीं है. रोबोट सफाई पूरी करके वापस स्टेशन पर आता है. इसके बाद स्टेशन खुद डस्ट कंटेनर खाली करता है, मॉप को 100 डिग्री सेल्सियस गर्म पानी से धोता है, गर्म हवा से सुखाता है और अगली सफाई के लिए तैयार कर देता है.
स्टेशन में साफ और गंदे पानी के अलग टैंक हैं. डस्ट बैग की क्षमता भी 3.2 लीटर है, इसलिए बार-बार खाली करने की जरूरत नहीं पड़ती.
बैटरी और नॉइज
इसमें 5,200mAh की बैटरी दी गई है. मेरे 3BHK फ्लैट की पूरी सफाई एक बार चार्ज में आसानी से हो गई. अगर घर बहुत बड़ा हो और बीच में बैटरी कम हो जाए तो यह खुद चार्ज होकर वहीं से सफाई शुरू कर देता है जहां छोड़ा था. आवाज जरूर आती है, लेकिन सिर्फ तब जब स्टेशन डस्ट खाली करता है. बाकी समय रोबोट सामान्य वैक्यूम क्लीनर के मुकाबले काफी शांत लगता है. सक्शन पावर ऐप से बढ़ा सकते हैं, मैक्सिमम सक्शन पावर करने पर ये आवाज करता है, ऐसे मोस्टली साइलेंट काम करता है और सिर्फ थोड़ी नॉयज ही आती है.
किन लोगों के लिए नहीं है?
अगर आपका घर छोटा 1RK या 1BHK है और आप खुद 10-15 मिनट में झाड़ू-पोछा कर लेते हैं, तो इसकी कीमत आपको ज्यादा लग सकती है. इसी तरह अगर घर में हर जगह बहुत ऊंचे कारपेट या 4 सेंटीमीटर से ज्यादा ऊंची रुकावटें हैं तो हर जगह इसकी क्षमता का पूरा फायदा नहीं मिलेगा. अगर आप बजट में रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर चाहते हैं तो मार्केट में और भी ऑप्शन है. ये 50 हजार के ब्रैकेट के ऊपर आता है.
यह भी पढ़ें: सरकार और वॉट्सऐप की तकरार के बीच यूजर्स के हितों का ख्याल कौन रखेगा? कैसे तय होगी जवाबदेही
Dreame L50s Pro Ultra: बॉटम लाइन
पिछले कुछ हफ्तों के इस्तेमाल के बाद Dreame L50s Pro Ultra बेहतरीन लगा. सबसे ज्यादा इसकी सफाई, मॉपिंग, छोटे हर्डल पार करने की कैपेसिटी और लगभग पूरी तरह ऑटोमैटिक बेस स्टेशन पसंद आया. इस बार ऐप में कुछ नए बदलाव हैं. मैप्स को एडिट करके सेट कर सकते हैं. प्रायॉरिटी चुन सकते हैं कि पहले क्या सफाई करवानी है. इसी तरह आप इस रोबोट को मैनुअल कंट्रोल भी कर सकते हैं. इसमें दिया गया फ्रंट कैमरा मॉनिटरिंग के भी काम आता है.
अगर आप घर पर नहीं हैं तो इसे चला कर पूरे घर को कैमरे के जरिए देख सकते हैं. मोबाइल में जरा भी लैग नहीं आता और फीड क्लीन आती है. सिर्फ सरफेस ही नहीं दिखता, बल्कि बेड पर कौन बैठा है वो भी देख सकते हैं. अंधेरा है तो ऐसे में सामने लाइट भी दी गई है.
मुझे खास तौर पर यह अच्छा लगा कि इसे हर बार संभालने की जरूरत नहीं पड़ती. एक बार शेड्यूल सेट करने के बाद यह लगभग अपने आप पूरा काम कर देता है. अगर आपके घर में रोज धूल जमा होती है, पालतू पेट हैं या परिवार बड़ा है, तो यह काफी समय बचा सकता है.
इसकी कीमत जरूर प्रीमियम है, लेकिन बदले में यह ऐसा एक्सपीरिएंस देता है जो नॉर्मल रोबोटिक वैक्यूम से एक कदम आगे लगता है. 2BHK और 3BHK फ्लैट ही नहीं, बल्कि एक बड़े घर के लिहाज से भी ये काम का है.
अगर आपका बजट इसकी इजाजत देता है और आप रोज की सफाई को लगभग ऑटोमैटिक बनाना चाहते हैं, तो Dreame L50s Pro Ultra एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसे खरीदने पर आपको शायद पछतावा नहीं होगा.
आज तक टेक रेटिंग: 9/10
---- समाप्त ----